आग्नेय (Āgneya)
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) वास्तु मार्गदर्शिका
आग्नेय दक्षिण और पूर्व के बीच का कोण है। परंपरा में इसके स्वामी अग्नि देव हैं और यह अग्नि तत्व से जुड़ा है। इसी कारण शास्त्रीय नक्शों में रसोई और अग्नि से जुड़े कार्य यहाँ रखे जाते हैं।
परंपरा अनुसार उचित
- पारंपरिक मान्यतारसोई, जिसमें पकाने वाले का मुख पूर्व की ओर हो।
- पारंपरिक मान्यताबिजली का पैनल, इन्वर्टर या जनरेटर।
- संभावितयहाँ की रसोई में सुबह की धूप आती है जो उसे सुखाती व रोशन करती है।
परंपरा अनुसार वर्जित
- पारंपरिक मान्यतामुख्य शयनकक्ष, पूजा कक्ष या भूमिगत पानी की टंकी।
- पारंपरिक मान्यताजल-सज्जा और अधिक नीले रंग की सजावट।
- प्रमाणितखिड़की के पास गैस सिलेंडर या चूल्हा जहाँ पर्दे आग पकड़ सकें।
व्यावहारिक सुझाव
- प्रमाणितदिशा कोई भी हो, धुआँ व भाप निकालने के लिए रसोई में बाहर खुलने वाला एग्ज़ॉस्ट फ़ैन या चिमनी ज़रूरी है।
- प्रमाणितचूल्हे और सिलेंडर के पास गैस लीक डिटेक्टर या कम से कम अच्छा आर-पार वायु प्रवाह रखें।
- संभावितअगर रसोई नहीं बदल सकती, तो परंपरा कमरे में ही चूल्हे की जगह बदलने की छूट देती है।
अपने घर पर आज़माएँ
केवल सलाह। जिन बातों पर अलग लेबल नहीं है वे पारंपरिक मान्यता हैं; ये स्वास्थ्य, धन या किसी परिणाम का वादा नहीं करतीं। संरचना, जल निकासी या गैस सुरक्षा के लिए योग्य इंजीनियर से सलाह लें।

